सुन्दर काण्ड दोहा (9)

 सुन्दर काण्ड दोहा 9 का भावार्थ सहित विस्तृत विवेचन:

दोहा

आपुहि सुनि खद्योत सम रामहि भानु समान।

परुष बचन सुनि काढ़ि असि बोला अति खिसिआन।।9।।

शब्दार्थ

आपुहि – आप ही (स्वयं)

खद्योत – जुगनू

भानु – सूर्य

परुष – कठोर

खिसिआन – अत्यंत क्रोधित

भावार्थ

सीता माता ने जब श्रीराम की तुलना सूर्य से की और रावण की तुलना जुगनू (खद्योत) से तो रावण अत्यंत क्रोधित हो उठा, और उसने तलवार निकाल ली और कठोर वचन कहने लगा।

विस्तृत विवेचन

यह दोहा उस प्रसंग का वर्णन करता है जब रावण अशोक वाटिका में सीता माता से मिलकर उन्हें प्रलोभन देने की कोशिश करता  है। तुलसीदास जी यहाँ सुंदर उपमा देते हैं — जैसे जुगनू (जो केवल रात में टिमटिमाता है) और सूर्य के समान बनने का घमंड करे, वैसे ही रावण की तुलना श्रीराम से करना मूर्खता और अहंकार का प्रमाण है।

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